बिहार, ३ जुलाई, २०१८: खुटौना प्रखंड के मौगलाहा गांव के 102 महादलित परिवारों को मधुबनी प्रशासन एक जमींदार से मिल कर सङक पर ला दिया। भू माफिया द्वारा जमीन हथियाने का यह एक साजिश है यह एक निन्दनीय घटना है. सभी परिवारों को 1986 मे ही सरकार द्धारा परचा भी दिया गया और इंदिरा आवास योजना के तहत सभी का घर भी बनवाया गया था। तथा बिजली का कनेक्शन दिया गया था. दलित बसती को बचाने की जिम्मेदारी सरकार की थी. लेकिन इस बीच अचानक एक जमींदार ने अपनी जमीन बता कर कोर्ट मे केस कर दिया प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नही दिया। हाईकोर्ट का एकतरफा फैसला के अनुसार प्रशासन जेसीबी मशीन से सभी घरों को तोङ दिया.
अगर माननीय उच्च न्यायालय के तरफ से आदेश भी निर्गत हुआ था, तो बिहार सरकार को इस आदेश को लागू करने के पूर्व बसे हुए हरिजन परिवार को अलग सरकारी जमीन या सरकारी घोषणाओं के अनुरुप उन्हें जमीन खरीद कर उनके आवास की वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए थी, जिसमे सरकार असफल साबित हुई और बहुत ही अमानवीय ढंग से इस बरसात के मौसम में 102 घरों को जेसीबी मशीन से जमींदोज कर दिया गया। आज सभी महादलित अपनी अपनी परिवार के साथ सङक पर आ गया है. क्या यही है नीतिश कुमार और नरेन्द्र मोदी का समाजिक न्याय और सुशासन?
अगर माननीय उच्च न्यायालय के तरफ से आदेश भी निर्गत हुआ था, तो बिहार सरकार को इस आदेश को लागू करने के पूर्व बसे हुए हरिजन परिवार को अलग सरकारी जमीन या सरकारी घोषणाओं के अनुरुप उन्हें जमीन खरीद कर उनके आवास की वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए थी, जिसमे सरकार असफल साबित हुई और बहुत ही अमानवीय ढंग से इस बरसात के मौसम में 102 घरों को जेसीबी मशीन से जमींदोज कर दिया गया। आज सभी महादलित अपनी अपनी परिवार के साथ सङक पर आ गया है. क्या यही है नीतिश कुमार और नरेन्द्र मोदी का समाजिक न्याय और सुशासन?
इन गरीबों पर अत्याचार का बिरोध सिर्फ माकपा कर रही है. बाकि सभी पार्टियाँ जमींदार के साथ खड़ा हो रहा है. इन गरीब बिस्थापितों के साथ कोई खड़ा होने का हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहा है. सिर्फ माकपा ही उनके मुद्दे उठा रहे हैं.
माकपा ने मधुबनी जिला के खुटौना प्रखंड के अंतर्गत वीरपुर पंचायत के मॉगलाहा मुशहरी में एक गैरमजरूआ जमीन पर पिछले 60 वर्षों से बशे हरिजन टोले को सरकार द्वारा ध्वस्त किये जाने की घटना की तीव्र निंदा की है और इस बर्बर जुल्म के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए आज माकपा ने महादलित परिवारों के साथ हुए अन्याय के खिलाफ मधुबनी के खुटौना प्रखंड मुख्यालय पर प्रतिरोध सभा और खुटौना बाज़ार में प्रतिरोध मार्च निकाला था.
ज्ञात हो की, जदयू-भाजपा के शासनकाल में महादलितों पर जुल्म बढ़ी है। राज्य के हर जिले में वर्षो से बसे लोगों को सरकार उजाड़ने का काम कर रही है। माकपा ने मधुबनी के खुटौन प्रखंड में उजाड़े गए लोगों को तत्काल सभी आवश्यक सहायता और वैकल्पिक आवास की व्यवस्था की मांग कर रही है.








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