डीएसएमएम ने कोडरमा प्रखण्ड घेराव कर प्रदर्शन किया
झुमरीतिलैया - दलित शोषण मुक्ति मंच (डीएसएमएम) ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत दलितों को जमीन व आवास देने की मांगों को लेकर कोडरमा प्रखण्ड मुख्यालय का घेराव कर प्रदर्शन कर "जमीन दो आवास दो, नही तो गद्दी छोड़ दो" के नारे से दलितों ने अपनी आवाज को बुलंद किया. इससे पूर्व श्रम कल्याण केन्द्र से झंडा बैनर के साथ जुलूस निकला जो झुमरीतिलैया बाजार व ब्लॉक रोड होते हुए प्रखण्ड कार्यालय पहुँचकर घेराव कार्यक्रम मे तब्दील हो गया. जहाँ सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई.
इस अवसर पर रघुनाथ दास की अध्यक्षता व महेन्द्र तुरी के संचालन मे सभा हुई. जिसे CPIM के राज्य सचिवमंडल सदस्य और डीएसएमएम के राज्य कमिटी सदस्य संजय पासवान, बीजीभीएस के असीम सरकार, महेन्द्र तुरी, प्रेम प्रकाश, भिखारी राम, जगदीश तुरी, रामचंद्र राम, सकिन्द्र कुमार, सुरेन्द्र राम, परमेश्वर यादव, अशोक रजक, हरेन्द्र राम, वीना देवी, चन्दरी मसोमात ने सम्बोधित किया. इस अवसर पर CPIM नेता संजय पासवान ने कहा कि भाजपा राज मे दलित सुरक्षित नहीं है. आये दिन इन पर हमला हो रहा है और हमला करने वालों को सरकार बचा रही है. दलितों को बंदोबस्त और भूदान मे प्राप्त गैरमजरूआ जमीन का रसीद नही काटकर उन्हें जमीन से बेदखल करने की साजिश हो रही है. दुसरी तरफ गरीबों को मिलने वाला पीएम आवास से दलित परिवार को वंचित किया जा रहा है. असीम सरकार ने कहा कि दलितों का बुनियादी सवाल है जमीन जिसके बिना इस समाज का विकास बेमानी है. महेन्द्र तुरी ने कहा कि दलितों की समस्याओं का समाधान नही किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
सभा के बाद सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल अंचल अधिकारी श्री अशोक राम से मिलकर 12 सूत्री मांग पत्र सौंपा और उनसे वार्ता किया जिस पर उन्होने साकारात्मक कार्वाई का भरोसा दिया. मांगो मे दलितों को पट्टा प्राप्त जमीन का रसीद काटने व दखल दिलाने, दलित बस्तियों के शत प्रतिशत परिवारों को पीएम आवास देने, झुमरीतिलैया मे खाता न० 220 पर बसे गरीबों को आवास का लाभ देने, एसएसी एसटी के सभी छात्रों को छात्रवृत्ति मुहैया कराने एवं दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान दलितों पर हुए मुकदमे वापस लेने आदि प्रमुख मांगे शामिल है.
मंच ने आह्वान किया कि अगर पन्द्रह दिनों के अन्दर समस्या का समाधान नही किया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन मे भीखी पासवान,भागीरथ तुरी, कौसरवा देवी, सोनिया देवी, भोला दास, बबलू रविदास, गंदोरी दास, अशोक तुरी, जेठा भूइयां, मुन्ना रविदास, कैलास दास, धनेश्वरी मसोमात, गुदुस भूइयां, राजेन्द्र भूइयां, अशोक भूइयां, गुटका भूइयां, बाबु दास, सुनील भूइयां राजेश दास, उमेश दास सहित बड़ी संख्या मे दलित समाज के लोग उपस्थित थे. धन्यवाद ज्ञापन अशोक रजक ने किया.







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