1991 मे नरसिम्हा राव के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार द्वारा अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष एवं विश्व बैंक के हिदायत मे लाई गई नई आर्थिक नीति से देश मे एक बड़ा नीतिगत बदलाव हुआ I नव उदारवादी आर्थिक सुधारों मे सार्वजनिक प्रतिष्ठान की जगह अनिन्त्रित देशी एवं विदेशी निजी पूंजी निवेश को ही विकास का आधार माना गया I.इसी नवउदारवादी आर्थिक नीति से ही विश्वीकरण का दौर शुरू हो गया I Momentum Jharkhand – भाजपा राज्य सरकार द्वारा आयोजित देशी एवं विदेशी पूंजीगत घरानों का यह महोत्सव UPA and NDA द्वारा संपोषित नवउदारवादी नीति का नमूना है I
राज्य सरकार द्वारा निवेश क्षेत्र:
1.Information Technology
2. Agriculture Sector
3. Power Sector.
4. Tourism Sector.
5. Mining & Mineral based industries.
6. Steel Industry
7.Sericulture
8. Health & medical education
9.Social welfare
10. Rural Development
11. Road construction
12.Women & Child development
13. Urban development
14.Innovation centres.
The investments expected by the government in above mentioned areas are as follows.
| SN | AREA | INVESTMENT (APPROX) |
| 1 | Information Technology Rs 785 cr | |
| 2 | Innovation centres Rs 55 cr | |
| 3 | Health & medical education Rs 1300 cr | |
| 4 | Technical Higher Education and Skill Development Rs 2250 cr | |
| 5 | Agriculture Sector Rs 61 cr | |
| 6 | Power Sector Rs 100470 cr | |
| 7 | Social welfare, Women & Child development Rs 208 cr | |
| 8 | Rural Development Rs 54 cr | |
| 9 | Urban development Rs 1200 cr | |
| 10 | Tourism Rs 850 cr |
स्वास्थ्य एवं शिक्षा छेत्र मे बड़ी पूंजी का निवेश: राज्य सरकार 3500 करोड़ का निवेश ऐसे निजी प्रतिष्ठानो मे चाहता है जिसका लाभ मात्र संपन लोगो को ही मिल सकता है I झारखंड मे 39% जनता गरीबी रेखा के नीचे है I इन निवेशो से सामाजिक उत्थान के जगह सामाजिक विषमता बढेगी I
. खनन एवं खनिज आधारित उद्योग:
झारखंड मे देश के सकल खनिज का 40% हिस्सा मौजूद है I. झारखंड का कोयला भंडार देश के 1st स्थान पर , लौह अयस्क भंडार 2nd स्थान पर , तांबा अयस्क भंडार 3rd स्थान, Bauxite भंडार 7th स्थान पर है Iप्राइम कोकिंग कोल के मामले मे इकलौता स्थान है I. Limestone, Dolomite, Manganese, Mica, China Clay, Graphite, Soap stone, Fire Clay, Coal Bed Methane, Uranium, Phosphorite, Apatite, Quartz, Feldspar, Gold और Pyroxenite आदि खनिज प्रचुर मात्र मे उपलब्ध
दुःख की बात है की रघुवर सरकार झारखंड एवं भारत की इस बेशकीमत दौलत को निजी कॉर्पोरेट को उपहार स्वरुप देना चाहती है I इससे सिर्फ झारखंड ही नही देश के अर्थनीति पर बुरा असर पड़ेगाI
CPI(M) की समझ: सरकार की उद्योगिक नीति का जोर रोजगार उन्मुखी एवं घरेलु छोटे एवं मध्यम प्रतिष्ठानों को प्रोत्साहन देने वाला होना चाहिए I सामाजिक विकास एवं विषमता उन्नमूलन पर विशेष ध्यान होना चाहिए I
सफलता की जुबानी: सितम्बर 1994 मे , कॉम ज्योति बासु ने पश्चिम बंगाल के वाम मोर्चे की सरकार की उद्य्गिक् नीति की घोषणा करते हुआ कहा “we are all for new technology and investment in selective spheres where they help our economy and which are of mutual interest. The goal of self-reliance, however, is as needed today as earlier. We have the state sector, the private sector and also the joint sector. All these have a role to play”.
इस उद्योगिक नीति के फलस्वरुप बड़ा विकास हुआ I Haldia Petrochemicals और Bakreshwar Thermal Power plants खुले, 1991 से 2006 तक कुल 1,391 उद्योग खुले जिनमे of Rs. 32,338.95 करोड़ का निवेश हुआ एवं 2.03 लाख लोगो को सीधा रोजगार मिला .
अंधाधुंध निजीकरण के स्थान पर, बंद और बीमार उद्योगों का सशक्तिकरण किया 79 इकाइयों को BIFR द्वारा पुनर्जीवित किया SAIL मे 10,000 करोड़ के लागत से IISCO का आधुनिकीकरण किया ,जिसे केन्द्रीय सरकार ने बंद करने का फैसला लिया था.मजदूरों एवं वाम मोर्चे के संघर्ष के कारन यह संभव हुआ I







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