People of Jharkhand are in movement
All left Parties of Jharkhand are marching to the Governor
We are in movement with the common people
Click for details
This is default featured slide 3 title
Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.This theme is Bloggerized by Lasantha Bandara - Premiumbloggertemplates.com.
This is default featured slide 4 title
Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.This theme is Bloggerized by Lasantha Bandara - Premiumbloggertemplates.com.
This is default featured slide 5 title
Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.This theme is Bloggerized by Lasantha Bandara - Premiumbloggertemplates.com.
হিন্দু কোড বিল ও শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায়
ইতিহাসের পুরোনো পাতা ঘেঁটে যা পাওয়া যাচ্ছে; তিন তালাকের বিরুদ্ধে যারা আগুন ছড়িয়েছেন, তাদের প্রাতস্মরনীয় পূর্বসূরির কীর্তিগাথা ...
"এরপরে একটা বড় আন্দোলনে যোগ দিয়ে আমরা গোটা সমাজেরই এক নতুন চেহারার মুখোমুখি হলাম। হিন্দু কোড বিলের আগে 'রাও বিল' নামে একটা বিল পাশ হয়েছিল পার্লামেন্টে। নারীর অধিকারের ব্যাপারে সে বিল ছিল অসম্পূর্ণ। তাই পার্লামেন্টে নতুন করে এল হিন্দু কোড বিল। এই বিলের নিরিখে দেখার সুযোগ পেলাম নামি ও দামি লোকেরাও সমাজ চেতনায় কত সংকীর্ণমনা এবং কত রক্ষণশীল।
सीताराम येचुरी पर फुलगेंदवा की बारिश: बादल सरोज
तेलंगाना की लोकसंस्कृति का गौरव है फूलों का रंगारंग उत्सव बाथुकम्मा । इसमें अलग अलग इलाकों के फूलों के साथ खुशियां मनाई जाती हैं । यह उत्सव धरती, पानी और मनुष्य के बीच अंतरंग रिश्तों का उत्सव है, सेलीब्रेशन है । इस दिन फूलों के साथ फूलों और प्रकृति का जश्न मनाया जाता है ।
मशहूर क्रांतिकारी शायर और तेलंगाना के मुक्ति संग्राम में बंदूक लेकर लड़ने वाले मखदूम मोहियुद्दीन की बेमिसाल ग़ज़ल है, जिसकी प्रेरणा यकीनन फूलों की इसी बारात से मिली होगी ।
फिर छिड़ी रात बात फूलों की
रात है या बारात फूलों की ।
फूल के हार, फूल के गजरे
शाम फूलों की रात फूलों की ।
आपका साथ, साथ फूलों का
आपकी बात, बात फूलों की ।
नज़रें मिलती हैं जाम मिलते हैं
मिल रही है हयात फूलों की ।
कौन देता है जान फूलों पर
कौन करता है बात फूलों की ।
वो शराफ़त तो दिल के साथ गई
लुट गई कायनातफूलों की ।
अब किसे है दमाग़े तोहमते इश्क़
कौन सुनता है बात फूलों की ।
मेरे दिल में सरूर-ए-सुबह बहार
तेरी आँखों में रात फूलों की ।
फूल खिलते रहेंगे दुनिया में
रोज़ निकलेगी बात फूलों की ।
ये महकती हुई ग़ज़ल 'मख़दूम'
जैसे सहरा में रात फूलों की ।
यह पोस्ट उन जबरदस्त क्रान्तिधर्मियों को प्यार सहित समर्पित जो सीताराम येचुरी के इस फोटो पर हाय रब्बा करते हुए, मन्नाडे के कमाल के गीत की तर्ज में लगत करेजवा में चोट लिए मार फूले-फूले घूम रहे हैं । इस गुजारिश के साथ कि अमां यार, थोड़े तो इंसानों जैसे दिखो !! फूल-पत्ती-उत्सव-कला-लोक से मत डरो । इतने डरावने मत बनो कि फूल तक सहम जायें.
जमीन दो आवास दो, नही तो गद्दी छोड़ दो: दलित शोषण मुक्ति मंच
डीएसएमएम ने कोडरमा प्रखण्ड घेराव कर प्रदर्शन किया
झुमरीतिलैया - दलित शोषण मुक्ति मंच (डीएसएमएम) ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत दलितों को जमीन व आवास देने की मांगों को लेकर कोडरमा प्रखण्ड मुख्यालय का घेराव कर प्रदर्शन कर "जमीन दो आवास दो, नही तो गद्दी छोड़ दो" के नारे से दलितों ने अपनी आवाज को बुलंद किया. इससे पूर्व श्रम कल्याण केन्द्र से झंडा बैनर के साथ जुलूस निकला जो झुमरीतिलैया बाजार व ब्लॉक रोड होते हुए प्रखण्ड कार्यालय पहुँचकर घेराव कार्यक्रम मे तब्दील हो गया. जहाँ सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई.
बिहार में महादलितों का जमीन लुट ली गयी
बिहार, ३ जुलाई, २०१८: खुटौना प्रखंड के मौगलाहा गांव के 102 महादलित परिवारों को मधुबनी प्रशासन एक जमींदार से मिल कर सङक पर ला दिया। भू माफिया द्वारा जमीन हथियाने का यह एक साजिश है यह एक निन्दनीय घटना है. सभी परिवारों को 1986 मे ही सरकार द्धारा परचा भी दिया गया और इंदिरा आवास योजना के तहत सभी का घर भी बनवाया गया था। तथा बिजली का कनेक्शन दिया गया था. दलित बसती को बचाने की जिम्मेदारी सरकार की थी. लेकिन इस बीच अचानक एक जमींदार ने अपनी जमीन बता कर कोर्ट मे केस कर दिया प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नही दिया। हाईकोर्ट का एकतरफा फैसला के अनुसार प्रशासन जेसीबी मशीन से सभी घरों को तोङ दिया.
दरभंगा में बिभिन्न मांगों को लेकर माकपा की भूख हड़ताल
दरभंगा: 30 जून 2018: सीपीआईएम के कार्यकर्ताओं द्वारा सामूहिक भूख हड़ताल आज पांचवें दिन भी जारी रहा। बहादुरपुर अंचलाधिकारी से संबंधित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन जारी है। अनशन तब तक जारी रहेगी जब तक मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार नहीं किया जाता।
अनशनकारियों के समर्थन में सैकड़ों सीपीएम कार्यकर्ताओं ने आज भी अंचल कार्यालय पर प्रदर्शन किया। वही सभा को संबोधित करते हुए सीपीएम के राज्य सचिव मंडल सदस्य ललन चौधरी ने कहा कि मुख्य सचिव एवं जिलाधिकारी के आदेश को बहादुरपुर अंचलाधिकारी द्वारा अनदेखी कर सामंतों के पक्ष में खड़ा होकर भ्रष्टाचार में संलिप्त है। उन्होंने कहा कि कानून की अनदेखी एवं वरीय पदाधिकारियों के आदेश को नहीं मानने वाले अंचलाधिकारी के खिलाफ जुझारू आंदोलन चलाने की जरूरत है। नीतीश-मोदी सामंतों के पक्ष में है, मजदूर किसान विरोधी भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने की जरूरत है।
Subscribe to:
Comments (Atom)












